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CTET English : Paper 1
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CTET August 2023 : Hindi, Paper 1
भाग - IV
भाषा - I : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग IV (प्र.सं. 91 से 120) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - I का विकल्प हिन्दी चुना हो।
91. उस युक्ति का चयन कीजिए जो नीचे दिए गए उदाहरण से मेल खाती है।
'मैं भाषा पर ध्यान केन्द्रित रखती हूँ, मैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हूँ कि यह सही हो।'
(1) पर-भाषा-व्यवहार (ट्रांस्लैंग्युजिंग)
(2) याद करना
(3) पुनरावृत्ति करना (दोहराना)
(4) स्व-निरीक्षण
92. कक्षा II के विद्यार्थी एक कविता गा रहे हैं - "यह मेरी नाक है, ये मेरे कान।" यह कविता गाते समय वे शरीर के जिस अंग का नाम लेते हैं, उस अंग को स्पर्श भी करते हैं। अध्यापिका किस विधि का प्रयोग कर उन्हें सिखा रही है
(1) विभिन्न दर्शन ग्राही
(2) श्रव्य-भाषिक
(3) सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
(4) समग्र भौतिक प्रतिक्रिया
93. विद्यार्थी पिछली इकाई से शब्द लेकर पाँच प्रश्नों के उत्तर समूह में देने का काम कर रहे हैं। वे अपने सवालों को दूसरे समूहों के साथ अदला-बदली करते हैं और सवालों के उत्तर देने की कोशिश करते हैं। यह किसका उदाहरण है?
(1) सहपाठी आकलन
(2) स्व-आकलन
(3) पृष्ठ-पोषण (फीडबैक)
(4) पठन आकलन
94. मुझे यह काम बहुत ही पसंद है जब अध्यापिका मुझे एक कार्ड देती है, जिस पर कोई शब्द या वाक्य लिखा होता है। मैं उससे संबंधित अभिनय करती हूँ और समूची कक्षा उस शब्द/वाक्य के बारे में अनुमान लगाती है। शिक्षार्थी की प्राथमिकताओं के साथ शिक्षार्थी की टिप्पणी की पहचान कीजिए।
(1) जब मैं गति-बोधक तरीके से संलग्न रहती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
(2) जब मैं देखती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
(3) जब मैं सुनती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
(4) जब मैं कार्ड से वाक्य को याद करती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
95. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए
अभिकथन (A): विद्यालय में प्रवेश करने वाले सभी बच्चे अपनी आयु अनुसार भाषा के सक्षम प्रयोगकर्ता होते हैं।
तर्क (R): भाषिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण वे अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
(1) (A) गलत है, परन्तु (R) सही है।
(2) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(3) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(4) (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
96. कक्षा V का मंजीत अपने अध्यापक से अलग शैली में बात करता है, अपने मित्रों से कुछ अलग तरह से और एक दो-वर्षीय बच्चे से कुछ अलग तरह से बात करता है। इसका तात्पर्य यह हुआ कि मंजीत जानता है कि सामाजिक स्थितियों में भाषा का प्रयोग किस तरह से करना है। भाषा के इस गुण को किस रूप में जाना जाता है?
(1) वाक्गत
(2) प्रकृतिवादी
(3) अर्थगत
(4) उपयोगितावादी
97. एक माँ ने इस बात की ओर ध्यान दिया कि उसकी बच्ची कभी-कभी ऐसे शब्द बोल जाती है जो न तो उसने कभी किसी वयस्क से सुने हैं और न ही अपने भाई-बहनों से सुने हैं। इस बात को लेकर वह भ्रमित है, क्योंकि उसका मानना है कि बच्चे अपने परिवार और आस-पास के परिवेश में लोगों का अनुकरण करके भाषा सीखते हैं। उसका यह मत किससे प्रतिध्वनित (मेल खाना) होता है
(1) बहुभाषावाद
(2) सहजवाद (प्राकृतवाद)
(3) व्यवहारवाद
(4) रचनावाद
98. कौशलों के उस समूह को क्या कहेंगे जो बच्चे औपचारिक पठन निर्देश शुरू करने से पहले विकसित कर लेते हैं और जो बाद के अकादमिक कौशलों के लिए बुनियाद प्रदान करता है
(1) उद्गामी साक्षरता
(2) उद्गामी (इमरजेंट) समाधान
(3) उद्द्यामी पाठ्यचर्या
(4) उद्गामी गुणधर्म
99. एक दादी/नानी अपने घर में छोटे बच्चों को पुस्तकों से कहानियाँ पढ़कर सुनाना पसंद करती है। इस तरह से वह उन्हें पुस्तकों व नए विचारों से परिचित करवाती है, और बच्चे भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से संलग्न रहते हैं। इस तकनीक को किस रूप में जाना जाता है
(1) सस्वर पठन
(2) मॉडल पठन
(3) साझा पठन
(4) संभाषिक पठन
100. पठन सिखाने का वह उपागम जिसमें मूल तत्त्वों जैसे वर्षों और स्वनिम से शुरू किया जाता है और जिसमें बच्चों को यह सिखाया जाता है कि समग्र रूप से पठन सीखने से पहले स्वनिम को शब्दों से मिलाया जाता है, इस उपागम को क्या कहेंगे
(1) संरचनात्मक उपागम
(2) शीर्ष-अधोमुखी (टॉप-डाउन) उपागम
(3) अधोमुखी (बॉटम-अप) उपागम
(4) समग्र भाषा उपागम
101. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A): ध्वन्यात्मक वर्तनी के प्रयोग से सही वर्तनी लिखना सीखने की योग्यता मंद पड़ जाती है।
तर्क (R): जब बच्चे पारंपरिक वर्तनी के स्थान पर अपनी 'आविष्कृत' वर्तनी का उपयोग करते हैं, तब यह सही वर्तनी लिखने की उनकी योग्यता को मंद नहीं करती है।
(1) (A) गलत है, परन्तु (R) सही है।
(2) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(3) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(4) (A) सही है, परन्तु (R) गलत है।
102. नई भाषा सीखते समय, बहुत से विद्यार्थी भाषा के अद्वितीय उच्चारण संबंधी नियमों के कारण भाषा बोलते समय प्रायः आत्मविश्वास की कमी का सामना करते हैं। इस समस्या को दूर करने का तरीका क्या है
(1) जब-जब उन्हें समस्या आए, उनकी ग़लती में सुधार किया जाए।
(2) बच्चे कक्षा में सस्वर वाचन करें।
(3) कक्षा में ऐसे खेलों जैसी गतिविधियों का प्रयोग किया जाए जिसमें मौखिक अन्तः क्रियाएँ अधिक हों।
(4) काउन्सलर के साथ विशेष वाक् थेरेपी सत्र आयोजित किए जाएँ और ड्रिल के माध्यम से अभ्यास किया जाए।
103. कक्षा III की अध्यापिका अपने शिक्षार्थियों को नई शब्दावली से परिचित करवा रही है। निम्नलिखित में से कौन-सा नई शब्दावली सिखाने का प्रभावशाली तरीका है
(1) अध्यापिका श्यामपट्ट पर शब्द का अर्थ लिखे और शिक्षार्थियों को उसे याद करने के लिए कहे।
(2) अध्यापिका शब्दों के विलोम शब्द बताए और बच्चों की भाषा में उन शब्दों के अर्थ बताए।
(3) अध्यापिका बच्चों को शब्दों की ठोस परिभाषा बताए ।
(4) अध्यापिका स्थिति विशेष के अनुसार उस शब्द का अर्थ समझाने की कोशिश करे।
104. भाषा सीखना किससे संबंधित है?
(1) कौशल
(2) अर्जन
(3) प्रक्रिया
(4) उत्पाद
105. पठन के तरीकों का, पाठक को क्या करना चाहिए, से मिलान कीजिए
| पठन के तरीके | पाठक को क्या करना चाहिए |
| A. अनुमान | i. लेखक कैसे लिखते हैं, इसके आधार पर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लेखक क्या महसूस करते हैं। |
| B. निष्कर्ष निकालना | ii. अपरिचित शब्दों को समझने के लिए पाठ्य-सामग्री के कुछ हिस्सों से मदद लेनी चाहिए। |
| C. संदर्भ से जोड़कर अर्थ निकालना | iii. शीर्ष कथन या प्रस्तावना पर ध्यान देते हुए यह देखना चाहिए कि सूचनाएँ किस तरह से संरचित की गई हैं। |
| D. गहन पठन | iv. पाठ्य-वस्तु में भाषा का किस तरह से प्रयोग किया गया है, इस पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। |
| E. पाठ्य-वस्तु के संयोजन की पहचान | v. पाठ्य-सामग्री किस बारे में है, यह जानने के लिए शीर्षकों और चित्रों का प्रयोग करना चाहिए। |
(1) A-iv, B-iii, C-ii, D-i, E-v
(2) A-v, B-i, C-ii, D-iv, E-iii
(3) A-i, B-iv, C-v, D-ii, E-iii
(4) A-ii, B-i, C-iii, D-iv, E-v

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पड़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 106 से 114) में सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
अपने स्वार्थ या संस्कृति के कारण सामान्य व्यवहार में हम कितनी ही बार सबसे धन्यवाद बोलते हैं। तो यह कृतज्ञता सिर्फ उन्हीं तक सीमित क्यों? हमें मानव जन्म देने बाले ईश्वर के लिए और जलवायु, भोजन, ऊर्जा जैसे बहुत सारे उपहार देने वाली प्रकृति के लिए भी क्यों नहीं ? हम ईश्वर से संवाद करें कि वह हमारे हृदय में पवित्रता, सद्गुणों के प्रकाश को आलोकित करें। दुखों के कारण तो हमारे विकार हैं, बुराइयाँ हैं। हर बुराई अज्ञान के अंधकार में फैलती है, प्रकाश होते ही उसका सामर्थ्य खत्म हो जाता है। सुख-दुख दोनों ही हमारे कर्मों के कि बिना फल हैं। हमें समझना चाहिए दुख भोगे, सुख नहीं पाया जा सकता है। मानवीय पुरुषार्थ करते रहें, मन की कोठरी को स्वच्छ रखें, जहाँ ज़रूरत हो, प्रायश्चित भी अवश्य करें। कौन जाने कब किस रूप में प्रभु किस माध्यम से सहायक हो जाएँ। ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना एक ऐसा अचूक तरीका है जो हमें असंतुष्टि और ईर्ष्या जैसी निकृष्ट बातों से ऊपर उठाता है और यही हमारे जीवन का मूलभूत लक्ष्य है।
106. गद्यांश के अनुसार सबसे धन्यवाद कहने का कारण नहीं है
(1) दया
(2) स्वार्थ
(3) संस्कृति
(4) स्वभाव
107. 'हर बुराई अज्ञान के अंधकार में फैलती है।' से तात्पर्य है
(1) अज्ञानी व्यक्ति बुराइयाँ फैलाता है।
(2) अँधेरा होते ही बुराइयाँ फैल जाती हैं।
(3) अँधेरा सब बुराइयों की जड़ है।
(4) अज्ञानता के कारण बुराइयाँ फैलती हैं।
108. 'सुख-दुख' का कारण है
(1) प्रारब्ध
(2) भाग्य
(3) दुर्भाग्य
(4) कर्म
109. गद्यांश के अनुसार प्रायश्चित के साथ-साथ मानव को क्या करना चाहिए?
(1) सुख भोगना
(2) सफ़ाई करना
(3) पुरुषार्थ
(4) दुख भोगना
110. 'मन की कोठरी को स्वच्छ रखें', से तात्पर्य है
(1) मन सब विकारों का कारण है
(2) मन को नियंत्रण में रखना
(3) मन से बुरे भावों का निष्कासन
(4) मन के अनुसार कार्य करना
111. जीवन का मुख्य लक्ष्य है
(1) ईश्वर के प्रति अनासक्ति
(2) ईश्वर की भक्ति करना
(3) ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना
(4) ईर्ष्या से ऊपर उठना
112. 'स्वार्थ' का विलोम है:
(1) निःस्वार्थ
(2) प्रयोजन
(3) स्वार्थपरायणता
(4) परोपकार
113. 'मानवीय' शब्द में प्रत्यय है
(1) य
(2) वीय
(3) ईय
(4) इय
114. कौन-सा शब्द-युग्म समूह से भिन्न है?
(1) शुद्ध-अशुद्ध
(2) सुख-दुख
(3) ज्ञान-अज्ञान
(4) अंधकार-अँधेरा
CTET Previous Year Question for Hindi Paper
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निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 115 से 120) में सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
आया समय, उठो तुम नारी,
युग-निर्माण तुम्हें करना है।
आज़ादी की खुदी नींव में,
तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है।
अपने को कमज़ोर न समझो,
जननी हो संपूर्ण जगत की, गौरव हो।
115. कविता का मुख्य स्वर है
(1) गौरव गाथा
(2) युग-निर्माण
(3) स्त्री-शक्ति
(4) स्वतंत्रता
116. कविता के अनुसार स्वतंत्रता-प्राप्ति में स्त्री की भूमिका ......... है।
(1) औसत
(2) संज्ञान योग्य
(3) नगण्य
(4) अप्रासंगिक
117. स्त्री के लिए किस 'विशेषण' का प्रयोग नहीं किया गया है?
(1) सबला
(2) नींव
(3) अबला
(4) गौरव
118. स्त्री की निर्माणकारी शक्ति का भाव कविता की किस पंक्ति में निहित है
(1) युग-निर्माण तुम्हें करना है।
(2) आज़ादी की खुदी नींव ।
(3) जननी हो संपूर्ण जगत की।
(4) कमज़ोर न समझो ।
119. कविता के अनुसार स्त्री को :
(1) गौरव-गान करते रहना होगा।
(2) पत्थर भरने का कार्य ही करना होगा।
(3) स्वयं की शक्ति को पहचानना होगा।
(4) जननी के रूप में ही रहना होगा।
120. 'जननी हो संपूर्ण जगत की .....।' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
(1) अनुप्रास
(2) उपमा
(3) रूपक
(4) यमक
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भाग - V
भाषा - II : हिंदी
महत्वपूर्ण : परीक्षार्थी भाग V (प्र.सं. 121 से 150) के प्रश्नों के उत्तर केवल तभी दें यदि उन्होंने भाषा - II का विकल्प हिन्दी चुना हो।
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 121 से 127) में सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है। इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की जिंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं। दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं। दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है। पाप का फल सुख रोकता है। सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी। दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना। जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं। जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है। दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है।
121. गद्यांश के अनुसार सबसे बड़ा दुख है
(1) अभाव का
(2) स्वभाव का
(3) पीड़ा का
(4) तनाव का
122. सबसे बड़ी भूल है:
(1) सुख पाने के लिए गलत काम करना।
(2) सुख पाने के लिए साधना करना।
(3) दुख से छुटकारे के लिए संन्यास लेना।
(4) दुख से दूर भागना और एकांतवास।
123. सुख कहाँ होता है
(1) जहाँ मानवता नहीं होती।
(2) जहाँ धन-संपदा हो।
(3) जहाँ धर्म होता है।
(4) जहाँ सुखी लोग होते हैं।
124. गद्यांश के मूल विषय में शामिल नहीं है
(1) दंड
(2) सुख
(3) दुख
(4) धर्म
125. ग़लत कार्य करने से ........... की हानि होती है।
(1) पाप
(2) सुख
(3) दुख
(4) सम्मान
126. किस शब्द में 'इक' प्रत्यय का प्रयोग संभव है?
(1) धर्म
(2) सुख
(3) दुख
(4) पाप
127. समूह से भिन्न शब्द है
(1) धर्म
(2) सुख
(3) दुख
(4) पापी

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 128 से 135) में सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है। इनके जरिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है। मणिपुर में 'संगाई महोत्सव' आयोजित किया गया। मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है। 'संगाई महोत्सव' जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं। इस बार का आयोजन पहले से और भी ज्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज्बे को दिखाता है। यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है। जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज्यादा लोगों के साथ जोड़ा तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है। जाता है,
128. 'संगाई महोत्सव' का आयोजन ........... में किया गया।
(1) उत्तर-पूर्व राज्यों
(2) सभी राज्यों
(3) मणिपुर
(4) शंघाई
129. भारत की परंपरा में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है
(1) संघर्ष
(2) त्योहार
(3) उत्सव
(4) मेले
130. मणिपुर ........... के लिए प्रसिद्ध है।
(1) कला और कारीगरी
(2) स्थानीय उद्योग
(3) प्राकृतिक सौंदर्य
(4) उत्सव-महोत्सव
131. संगाई महोत्सव के आयोजन से .......... को भी लाभ मिलता है।
(1) अर्थव्यवस्था
(2) सांस्कृतिक उत्सव
(3) विदेशी पर्यटन
(4) प्राकृतिक सौंदर्य
132. पहले और अब के महोत्सव के आयोजन में मूल अंतर क्या है?
(1) पहले मणिपुर में, अब दक्षिण भारत में
(2) पहले इंफाल में, अब पूरे उत्तर-पूर्व में
(3) पहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
(4) पहले मणिपुर में, अब उत्तर भारत में
Previous Year Question Papers For CTET, Paper I
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133. 'महोत्सव' का संधि-विच्छेद है:
(1) मह + उत्सव
(2) महो + त्सव
(3) महा + उत्सव
(4) महान + उत्सव
134. 'इत' प्रत्यय का उदाहरण है
(1) प्रकृति
(2) सांस्कृतिक
(3) संस्कृति
(4) आकर्षित
135. गद्यांश में किसकी क्षमता के सामने आने की बात की गई है
(1) स्थानीय कलाओं की
(2) महोत्सव की
(3) मणिपुर की
(4) सांस्कृतिक समृद्धि की
निर्देश : नीचे दिए गए प्रश्नों के लिए सही/सबसे उपयुक्त विकल्प चुनिए ।
136. छोटे बच्चों के लिए पाठ योजना बनाते समय अध्यापिका ने समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) विधि पर ध्यान केन्द्रित करने का निर्णय लिया। पाठ में समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) शामिल करने के लिए अध्यापिका को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए
(1) गतिविधि न करवा कर प्रश्न पूछे जाएँ और उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
(2) कक्षा में कुछ शारीरिक गतिविधियाँ करनी चाहिए।
(3) ऐसी गतिविधियाँ करवाएँ जो अपनी-अपनी सीट पर बैठे-बैठे हो सकें और जोड़ों या समूह में काम करने के मौके दें।
(4) कक्षा में कुछ श्रवण संबंधी गतिविधियाँ करवायी जाएँ।
137. व्याकरण सिखाने का कौन-सा उपागम इस मत को प्रोत्साहित करता है कि भाषा अधिगम नियमों को सीखने से संबंधित है?
(1) व्याकरण अनुवाद
(2) निगमनात्मक
(3) आगमनात्मक
(4) सम्प्रेषणात्मक
138. एक अध्यापक कक्षा V के शिक्षार्थियों को मुक्त लेखन कार्य देने की योजना बना रहा है। अधिकांश अध्यापकों द्वारा निम्नलिखित में से किस बात पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?
(1) शिक्षार्थियों की लिखावट
(2) विषय-वस्तु की सटीकता
(3) विषय-वस्तु में प्रवाहता
(4) प्रवाह और सटीकता दोनों पर ही ध्यान देना चाहिए
139. 'टॉप-डाउन' से आशय है- 'समग्र अर्थ पर ध्यान देना'। 'अधोमुखी (बॉटम अप)' से क्या आशय है
(1) लघु-उत्तरीय प्रश्न पूछने पर ध्यान देना
(2) पाठ्य-वस्तु और अमूर्त विचारों के सार पर ध्यान देना
(3) पठन-पूर्व पर ध्यान देना
(4) पाठ्य-वस्तु के शब्दों और वाक्यों पर ध्यान देना
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140. भाषा अध्यापक का प्राथमिक दायित्व क्या होना चाहिए
(1) शिक्षार्थियों को निर्देश देना
(2) शिक्षार्थी की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना
(3) शिक्षण के लिए उपयुक्त विषय-वस्तु का चयन करना
(4) शिक्षार्थियों के विभिन्न वर्ग समूह बनाना
141. एक छोटी बच्ची कोई एक पुस्तक उठाती है, उसे सीधी तरफ से पकड़ती है, और उसके पृष्ठ पलटती है। इन सबमें क्या सम्मिलित है
(1) उद्गामी समाधान कौशल
(2) उद्गामी (इमरजेन्ट) साक्षरता कौशल
(3) उद्गामी पाठ्यचर्या
(4) उद्गामी गुणधर्म
142. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए:
अभिकथन (A): शिक्षार्थी भाषा अर्जित करते हैं क्योंकि वे ऐसा करने के लिए आनुवंशिक रूप से पूर्वानुकूलित होते हैं और ऐसे में परिवेश की कोई भूमिका नहीं होती है।
तर्क (R): भाषा अर्जन में शिक्षार्थी-केन्द्रित कक्षायी परिवेश का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
(1) (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
(2) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(3) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(4) (A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।
143. पठन सिखाने के उस तरीके को क्या कहा जाता है जिसमें शब्दों के अर्थ को प्रयुक्त संदर्भों के अनुसार समझने पर बल दिया जाता है
(1) संरचनात्मक उपागम
(2) सम्प्रेषणात्मक उपागम
(3) अधोमुखी (बॉटम-अप) उपागम
(4) समग्र भाषा उपागम
144. भाषा के बारे में चिन्तन करने और बात करने की योग्यता को क्या कहेंगे
(1) अधिभाषिक (विचार-विमर्श) योग्यता
(2) ध्वन्यात्मक जागरूकता
(3) निपुण वक्ता
(4) उद्गामी साक्षरता
145. एक माँ ने कक्षा II की अध्यापिका से पूछा कि मैंने इस बात पर ध्यान दिया है कि मेरी बच्ची कभी-कभी ऐसे शब्द बोल जाती है जो उसने कभी अपने वयस्कों या भाई-बहनों से नहीं सुने हैं। यह कैसे संभव है.
इस प्रश्न का निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त उत्तर क्या है
(1) रचनावादी उपागम के अनुसार, बच्चे नई भाषाएँ आविष्कृत करते हैं।
(2) बच्चे भाषा केवल अपने वयस्कों के अनुकरण से ही सीखते हैं।
(3) मनुष्य का मस्तिष्क भाषा सीखने के लिए सहज रूप से अनुकूलित है।
(4) बच्चे भाषा तभी सीखते हैं जब हम बच्चे के भाषायी विकास पर पुनर्बलन देते हैं।
146. प्रारंभिक साक्षरता को सुसाध्य बनाने की एक युक्ति है, जिसमें एक वयस्क और एक बालिका दोनों साथ-साथ एक पुस्तक देख रहे हैं, वयस्क प्रश्न पूछता है और आपसी संवाद को प्रोत्साहित करता है। फिर दोनों की भूमिका बदलती है, बालिका वयस्क से प्रश्न पूछती है। यह युक्ति क्या कहलाती है
(1) कथा वाचन
(2) मॉडल पठन
(3) साझा पठन
(4) संभाषिक पठन
147. एक अध्यापक शिक्षार्थियों के भाषा के श्रवण कौशलों का विकास कैसे कर सकता है
(1) शिक्षार्थियों को वह सब सुनने के लिए कहना जिसे वे निष्क्रिय होकर सुनते हैं।
(2) शिक्षार्थियों से कक्षा में और कक्षा के बाहर सतत रूप से बात करके।
(3) अन्य भाषिक कौशलों को सम्बद्ध किए बिना केवल श्रवण कौशलों पर ध्यान केन्द्रित करना।
(4) शिक्षार्थियों के लिए ऐसे अवसर सृजित करना जिनमें वे तरह-तरह के भाषा स्रोतों और लोगों से सुन सकें और अन्य श्रवण संबंधी गतिविधियों में संलग्न हो सकें।
148. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A): प्राथमिक स्तर पर भाषा में सटीकता बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।
तर्क (R): व्याकरण प्राथमिक स्तर की पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग है।
(1) (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
(2) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(3) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(4) (A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।
149. भाषा, भाषा अधिगम की प्रकृति और शिक्षण-शास्त्रीय व्यवस्थाओं में दोनों की अनुप्रयोगिता के बारे में सैद्धान्तिक स्थितियों एवं मतों को क्या कह सकते हैं?
(1) युक्ति (टेकनीक)
(2) पाठ्यक्रम
(3) विषय-वस्तु
(4) उपागम
150. रचनात्मक मूल्यांकन क्या है?
(1) परिवर्तन से संबंधित नहीं है।
(2) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में क्या हो रहा है।
(3) अधिगम में हो रहे विकास और सुधार से संबंधित है।
(4) कोर्स में एक पूर्वनिर्धारित या विशेष चरण में किया जाता है।
Study Materials
| Assam TET-LP | Assam TET-UP | CTET - Paper 1 |
| CTET - Paper 2 | ADRE Grade 3 | ADRE Grade 4 |
| Assam Police | D.El.Ed | Class - 10 |
| Asaam TET-GT | Assam TET-PGT | Class - 12 |
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